खड़े हनुमान :45 हजार हस्ताक्षर- खड़े हनुमान वहीं रहे
48 दिन से टेंट में खड़े हनुमान… प्रशासन नहीं निकाल पाया समाधान
कंठाल चौराहा से छत्री चौक चौड़ीकरण में अति प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर तो प्रशासन ने ताबड़तोड़ हटा दिया, लेकिन हनुमान जी अब तक वहीं खड़े हैं। 48 दिन से खड़े हनुमान टेंट में है, प्रशासन अब तक कोई समाधान नहीं निकाल पाया है। भक्तों की आस्था इससे आहत हो रही है। उनका कहना है प्रभु श्रीराम तो टेंट से भव्य अयोध्या में पहुंच गए, लेकिन दूत राम भक्त हनुमान को शासन-प्रशासन ने मंदिर से टेंट में रख छोड़ा है।
खड़े हनुमानजी के दर्शनार्थ पहुंच रहे हैं। खड़े हनुमानजी जहां है, वहीं रहें, इसे लेकर कई दिनों तक हवन, यज्ञ, सुंदरकांड हुआ और आम भक्तों से लेकर साधु-संत यहां तक कि जनप्रतिनिधियों तक यहां पहुंचे थे। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश आंजना ने कहा- पहले दिन वाली ही यथास्थिति अभी भी है। प्रशासन से कोई प्रस्ताव नहीं आया।

45 हजार हस्ताक्षर, 50 समाज, 150 पंचायत, व्यापारी- 450 आवेदन आए, मत एक ही खड़े हनुमान वहीं रहे
खड़े हनुमानजी को लेकर संपूर्ण हिंदू समाज की अटूट आस्था है। अभी तक 45 हजार हस्ताक्षर, 150 विविध पंचायतें, व्यापारी, 50 विविध समाज समेत कुल 450 आवेदन विहिप के पास आए हैं, जिसमें सभी का एक ही मत है, खड़े हनुमान जहां है, वहीं रहे। हम सिर्फ छह फीट में ही शिव जलाधारी आकार में मंदिर चाहते हैं। शासन-प्रशासन मापदंड तय करे। 25 अक्टूबर के आसपास कमेटी के लोगों के साथ प्रशासन की बैठक की संभावना है। प्रशासन से बात करेंगे कि निर्णय लीजिए, भगवान आखिर कब तक टेंट में रहेंगे।
5 से 10 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन को आ रहे – पुजारी खड़े हनुमानजी की ख्याति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे विश्व तक पहुंची, जिसके बाद से लगातार देशभर से श्रद्धालु उनके दर्शन को पहुंच रहे हैं। मंदिर के पुजारी महेश
बैरागी ने बताया कि प्रतिदिन पांच से दस हजार श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। इस सप्ताह सबसे ज्यादा श्रद्धालु झारखंड, बिहार, वेस्ट बंगाल, मिजोरम व नेपाल से यहां आए हैं।
■■□■■













