Category: History of Ujjain

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वैभवशालिनी उज्जयनी

वैभवशालिनी उज्जयनी का महत्व धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत बड़ा है भारत के मानचित्र में उज्जैन भारत के मध्यस्थान के भी मध्य (नाभिदेश) में स्थित है उपनिषदों और पुराणों में प्रमुख तीर्थ स्थानों...

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उज्जैन में सिद्धवट वृक्ष की पूजा का धार्मिक महत्व और कारण

उज्जैन में सिद्धवट वृक्ष की पूजा का धार्मिक महत्व  उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका के नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे पवित्र शहरों में से एक है। यह नगरी न केवल...

उज्जैन  :   संस्कृति और विरासत 0

उज्जैन : संस्कृति और विरासत

संस्कृति और विरासत उज्जैन प्राचीन और ऐतिहासिक शहर है जो 5000 साल पुराना है। यह आदि ब्रह्म पुराण में सबसे अच्छा शहर के रूप में वर्णित है और इसे अग्निपुराण और गरुड़ पुराण में...

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उज्जैन से गुजरती है कर्क रेखा

कर्क रेखा कहा से गुजरती है – उज्जैन कर्क रेखा पृथ्वी की उत्तरतम अक्षांश रेखा हैं, जिस पर सूर्य दोपहर के समय लम्बवत चमकता हैं। यह घटना ‘जून क्रांति’ के समय होती है, जब...

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उज्जैन के प्राचीन नाम से बन रहा उज्जयिनी अभिनंदन ग्रंथ

उज्जैन के प्राचीन नाम से बन रहा उज्जयिनी अभिनंदन ग्रंथदो हजार पन्नों का ग्रंथ बनेगा शोध का आधार…. पहली बार महाकाल नगरी उज्जैन के नाम पर दुर्लभ उज्जयिनी अभिनंदन ग्रंथ तैयार हो रहा है,...

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उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण...