कालभैरव मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए 500 रु. शुल्क
कालभैरव मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए 500 रु. शुल्क
उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में लागू सशुल्क वीआईपी दर्शन व्यवस्था की तर्ज पर अब श्री कालभैरव मंदिर में भी 500 रुपए की टिकट लेकर श्रद्धालु वीआईपी दर्शन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था की तैयारी मंदिर प्रबंध समिति ने कर ली है। संभवतः बुधवार से ही इसे लागू भी कर दिया जाएगा।
उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आने वालों में से अधिकांश श्रद्धालु भैरवगढ़ क्षेत्र में श्री कालभैरव मंदिर में भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विश्व में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां कालभैरव को मदिरा का भोग लगाया जाता है। शिप्रा तट स्थित इस मंदिर की ऐसी कई रोचक बातें हैं व मान्यताएं हैं, जिसके चलते यह स्थल विश्व प्रसिद्ध है। सामान्य दिनों में यहां औसतन 20 से 25 हजार तक श्रद्धालु रोज आते हैं। जबकि शनिवार-रविवार सहित अवकाश वाले व विशेष पर्व वाले दिनों में ये आंकड़ा बढ़कर 50 से 80 हजार तक पहुंच जाता है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ व सिंहस्थ की तैयारियों के क्रम में शासन श्री कालभैरव मंदिर में 125.17 करोड़ की लागत से कॉरिडोर निर्माण सहित जरूरी सुविधाओं का विस्तार करवाने जा रहा है। इस बीच अब मंदिर प्रबंध समिति ने यहां वीआईपी प्रोटोकॉल दर्शन की व्यवस्था भी शुरू करवाने जा रही है।
अभी यह है दर्शन व्यवस्था
मंदिर के पट सुबह 6.30 से रात 9.30 बजे तक खुले रहते हैं। इस बीच सुबह 8 व रात 8.30 बजे आरती के वक्त कुछ देर के लिए दर्शन बंद होते हैं। बाकी समय श्रद्धालुओं को कतार में लगाकर दर्शन करवाए जाते हैं। प्रशासन की तरफ से आने वाले पॉइंट के हिसाब से वीआईपी दर्शनार्थियों को अलग से दर्शन के इंतजाम है।
अब यह होगी नई व्यवस्था
सामान्य दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था यथावत रहेगी। वीआईपी प्रोटोकॉल दर्शन की नई सशुल्क व्यवस्था के तहत श्रद्धालु को मंदिर परिसर के अधिकृत काउंटर से 500 रुपए का टिकट लेना होगा। इस आधार पर उन्हें गर्भगृह में दर्शन करवाए जाएंगे।
टिकट लेकर गर्भगृह से दर्शन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वीआईपी प्रोटोकॉल की सशुल्क दर्शन व्यवस्था लागू कर रहे हैं। इसके तहत 500 रुपए की टिकट लेने वाले श्रद्धालु को गर्भगृह से दर्शन करवाएंगे। बाकी सामान्य दर्शन यथावत जारी रहेंगे।
– एलएन गर्ग, अध्यक्ष, श्री काल भैरव मंदिर प्रबंध समिति व एसडीएम उज्जैन शहर



